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देहरादून में 27-28 जून को उफतारा फिल्म फेस्टिवल, 100 फिल्मकार और कलाकार होंगे सम्मानित

Uftara Film Festival to be held in Dehradun

Uftara Film Festival to be held in Dehradun

देहरादून। Uftara Film Festival to be held in Dehradun, उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति और लोकभाषा को फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को पहली बार उत्तराखण्ड फिल्म टेलीविजन एवं रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) द्वारा सम्मानित किया जाएगा। आगामी 27 और 28 जून को देहरादून स्थित संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले दो दिवसीय उफतारा सम्मान एवं फिल्म फेस्टिवल में फिल्म निर्माताओं, वरिष्ठ कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों की कुल 100 विभूतियों का सम्मान किया जाएगा।

उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी ने सोमवार को प्रेस क्लब देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता बताया कि समारोह के दौरान उत्तराखण्डी फिल्मों की 40 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही प्रदेश की फिल्मों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर दर्शकों एवं फिल्मकारों के बीच खुली परिचर्चा भी आयोजित होगी। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति और लोक संगीत की झलक भी देखने को मिलेगी।


प्रेस वार्ता के दौरान प्रदीप भण्डारी ने राज्य सरकार पर फिल्म उद्योग की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 की सराहना करते हुए कहा कि फिल्म बोर्ड में स्थानीय फिल्मकारों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है तथा फिल्म पुरस्कारों की प्रक्रिया भी लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में न तो फिल्म शूटिंग स्टूडियो स्थापित किए गए और न ही पर्वतीय क्षेत्रों में सिनेमाघरों का विकास हुआ। साथ ही सरकार द्वारा फिल्म उद्योग से नियमित संवाद स्थापित न किए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।


उफतारा के महासचिव कान्ता प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में फिल्म नीति और फिल्म विकास परिषद के गठन में उफतारा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संगठन आज भी राज्य में फिल्म उद्योग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन सरकार को रोजगार और सांस्कृतिक विकास के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करना चाहिए।


मुख्य कार्यक्रम संयोजक जस पंवार ‘जस्सी’ ने कहा कि उफतारा प्रदेश के लाखों कलाकारों की आवाज है और संगठन ने राज्य में फिल्म विकास का व्यापक खाका तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के सुझाव लेकर उन्हें अमल में लाना चाहिए।


इस अवसर पर उफतारा के उपाध्यक्ष डॉ. अमरदेव गोदियाल, महासचिव कान्ता प्रसाद, मुख्य संयोजक जस पंवार ‘जस्सी’, प्रचार सचिव नागेन्द्र प्रसाद, कोषाध्यक्ष प्रमोद बेलवाल, कैप्टन (सेवानिवृत्त) बंशीलाल कठुलियाल, गम्भीर सिंह जयाड़ा, श्रीमती कमलेश भण्डारी सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।